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मुजफ्फरपुर कारोबारी का अपहरण कर यूपी ले गए बदमाश

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में मुर्गी दाना कारोबारी चंदन कुमार के अपहरण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मिठनपुरा थाना क्षेत्र की मिसकॉट गली से कार सवार बदमाशों ने कारोबारी को अगवा कर लिया और उसे उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के हल्दी थाना क्षेत्र में ले गए। वहां एक खंडहरनुमा मकान में बंद करके उन्होंने परिजनों से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को वीडियो कॉल के जरिए कारोबारी की पिटाई करते हुए दिखाया और उसकी रिहाई के बदले रकम की मांग की। परिजनों ने चतुराई दिखाते हुए दूसरे मोबाइल फोन से उस वीडियो कॉल को रिकॉर्ड कर लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामला सामने आते ही एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। सिटी एसपी मोहिल्बुला अंसारी ने स्वयं इस जांच की निगरानी की।पुलिस टीम ने मानवीय इनपुट के साथ तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों से पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को अपहरणकर्ताओं की लोकेशन उत्तर प्रदेश के बलिया में मिली। इसके बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने तत्काल यूपी पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त कार्रवाई की तैयारी की।

मुजफ्फरपुर पुलिस की टीम ने बलिया जिले के हल्दी थाना क्षेत्र में दबिश दी। सटीक सूचना के आधार पर उस खंडहरनुमा मकान को घेरा गया, जहां कारोबारी को कैद करके रखा गया था। पुलिस ने चंदन कुमार को सकुशल मुक्त करा लिया। सिटी एसपी के मुताबिक, अपहरण की सूचना मिलने के करीब आठ घंटे के भीतर कारोबारी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।पुलिस ने मौके से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान वैशाली के सराय निवासी सूरज कुमार उर्फ सूरजभान सिंह, सारण के दिघवारा निवासी रौशन कुमार, उत्तर प्रदेश के कानपुर के पनकी निवासी गौरव सिंह और समस्तीपुर के बंगरा निवासी अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, चारों आरोपी उसी स्थान से पकड़े गए जहां कारोबारी को बंधक बनाया गया था। वारदात में इस्तेमाल मारुति ऑल्टो कार और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। इन उपकरणों की मदद से पुलिस अब अपहरण की पूरी साजिश और आरोपियों के आपसी संपर्क की जानकारी जुटा रही है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कारोबारी से 10 लाख रुपये रंगदारी वसूलने की योजना बनाई थी। फिलहाल, पुलिस को कारोबारी और गिरफ्तार आरोपियों के बीच किसी पुराने विवाद की जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में अपहरण की असली वजह को लेकर जांच जारी है। 

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