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निखिल गुप्ता का बड़ा खुलासा

वॉशिंगटन। अमेरिका में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश के आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष चौंकाने वाले दावे किए हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, निखिल गुप्ता ने अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन को बताया कि कनाडा में मारा गया खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर भी उनके लक्ष्यों की सूची में शामिल था। हालांकि, इससे पहले कि योजना को अंजाम दिया जाता, अज्ञात बंदूकधारियों ने जून 2023 में ही ब्रिटिश कोलंबिया में निज्जर की हत्या कर दी। दावा किया जा रहा है कि गुप्ता ने अब अपने खिलाफ लगे कुछ आरोपों को स्वीकार कर लिया है।

अमेरिकी न्याय विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस) के दस्तावेजों के अनुसार, निखिल गुप्ता ने स्वीकार किया कि पन्नू और निज्जर आपस में संपर्क में थे और उसके पास कई लक्ष्यों की सूची थी, जिनमें निज्जर का नाम भी दर्ज था। ज्ञात हो कि भारत सरकार ने निज्जर को पहले ही आतंकी घोषित कर रखा था। पन्नू, जिसके पास अमेरिका और कनाडा दोनों देशों की नागरिकता है, लंबे समय से विदेशों में बैठकर पंजाब को भारत से अलग करने का खालिस्तानी एजेंडा चलाता रहा है।

जांच में एक नया मोड़ तब आया जब अमेरिकी वकीलों ने दावा किया कि निखिल गुप्ता को विशेष निर्देश दिए गए थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जून 2023 की वॉशिंगटन यात्रा के दौरान पन्नू की हत्या न की जाए। प्रधानमंत्री की इस यात्रा से ठीक दो दिन पहले ही निज्जर की हत्या हो गई थी, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक तनाव बढ़ गया था। निखिल गुप्ता को जून 2023 में अमेरिकी सरकार के अनुरोध पर चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था और एक साल बाद जून 2024 में उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया। मैनहट्टन संघीय अदालत में अपनी पहली पेशी के दौरान गुप्ता ने शुरुआत में खुद को निर्दोष बताया था।

अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि निखिल गुप्ता भारत या अन्य स्थानों से निर्देश प्राप्त कर रहे थे। इस पूरी साजिश में विकास यादव नामक व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जिसे अमेरिकी दस्तावेजों में भारत सरकार का पूर्व कर्मचारी बताया गया है। दावा है कि यादव के निर्देशों पर ही गुप्ता ने पन्नू की हत्या के लिए एक लाख डॉलर की सुपारी तय की थी, जिसमें से 15,000 डॉलर अग्रिम राशि (एडवांस) के रूप में दिए गए थे। इसके साथ ही, गुप्ता को पन्नू का पता, फोन नंबर और अन्य निजी जानकारियां भी उपलब्ध कराई गई थीं।भारत सरकार ने पन्नू मामले की जांच के लिए पहले ही एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है और किसी भी प्रकार की गैर-न्यायिक हत्या की साजिश में संलिप्तता से इनकार किया है। फिलहाल, निखिल गुप्ता के इन खुलासों ने इस मामले को और अधिक पेचीदा बना दिया है, जिससे भारत, अमेरिका और कनाडा के बीच सुरक्षा और खुफिया सहयोग को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।


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