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श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलना चाहते हैं राउफ

लाहौर । पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने कहा है कि वह अवसर मिलने पर श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में खेलने के लिए तैयार हैं। रऊफ के इस बयान से सभी हैरान हैं क्योंकि एक समय उन्होंने टेस्ट प्रारुप खेलने से इंकार तक कर दिया था। वहीं अब वह इस प्रारुप में वापसी करना चाहते हैं। इसका कारण राष्ट्रीय टीम में सीमित ओवरों के क्रिकेट में घटते अवसरों और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की नई कठोर नीति को माना जा रहा है। इससे ये गेंदबाज अब लंबे प्रारुप में भी खेलने को तैयार है। इस कारण अब वह घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट भी खेल रहे हैं। उनका पहला लक्ष्य नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली घरेलू टेस्ट सीरीज के लिए पाकिस्तान टीम में जगह बनाना है।


अभी रऊफ पाकिस्तान में खेली जा रही प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में पाकिस्तान टेलीविजन की ओर से सक्रिय हैं। इस टूर्नामेंट में हाल ही में उन्होंने ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के खिलाफ शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए पांच महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। भले ही वह मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ पर रऊफ का यह प्रभावशाली स्पैल चयनकर्ताओं की नजरों में आने के लिए काफी अहम माना जा रहा है। मौजूदा जानकारी के अनुसार, रऊफ का स्पष्ट इरादा है कि प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं का ध्यान खींचे।

यह बदलाव कई मायनों में आश्चर्यजनक है, क्योंकि कुछ साल पहले तक रऊफ का टेस्ट क्रिकेट को लेकर बिल्कुल अलग रुख था। पाकिस्तान में लगातार मांग उठने के बावजूद कि वह लंबे प्रारूप में देश का प्रतिनिधित्व करें, वे इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए उत्सुक नहीं दिखे। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई साल बिताने के बावजूद, उन्होंने अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला है, जो लगभग चार साल पहले हुआ था। हाल के महीनों में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ उनके संबंध भी बहुत सहज नहीं रहे हैं, और वह मुख्य रूप से एकदिवसीय क्रिकेट तक ही सीमित रहे हैं, उनका आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच लगभग एक साल पहले भारत के खिलाफ एशिया कप फाइनल में था।

अब रऊफ ने खुद यह बात स्वीकार की है कि उन्होंने लंबे प्रारूप को लेकर अपना नजरिया बदला है। उनका मानना है कि पाकिस्तान को तेज गेंदबाजों की सख्त जरूरत है और प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी में उनके पास अभी खुद को साबित करने के लिए कई मुकाबले बाकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पिछले सीजन में चार दिवसीय क्रिकेट खेली थी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज से पहले भी दूसरे स्तर की घरेलू क्रिकेट में समय बिताया था, जिसे वे खुद को एक बेहतर गेंदबाज बनाने का अच्छा तरीका मानते हैं।

रऊफ के इस बदलाव में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की हालिया सख्ती का भी महत्वपूर्ण योगदान है। बोर्ड ने राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने वाले खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेना अनिवार्य कर दिया है, ऐसा न करने पर खिलाड़ियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसी नीति के बीच, कई प्रमुख पाकिस्तानी खिलाड़ियों का घरेलू क्रिकेट की ओर लौटना देखा गया है, जिसमें तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में लाल गेंद के खेल को प्राथमिकता देने की बात कही है।

हालांकि, हारिस रऊफ के लिए श्रीलंका सीरीज में जगह बनाना आसान नहीं होगा। उन्हें प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी के शेष मुकाबलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा, अपनी फिटनेस और लंबे प्रारूप की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता साबित करनी होगी।

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