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आईआरजीसी का दावा- ईरान के हाथ लगा अमेरिकी अंडरवॉटर जासूस

तेहरान। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने हाल ही में अमेरिका के दूसरे अंडरवॉटर ड्रोन को अपने कब्जे में लेने का दावा किया है। आईआरजीसी ने एक वीडियो जारी कर बताया कि इस ऑपरेशन में खुफिया निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का इस्तेमाल किया गया। यह घटना होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है।

ईरानी नौसेना के मुताबिक, यह ड्रोन अब उनके विशेषज्ञों के कब्जे में है और उससे डेटा रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। आईआरजीसी ने होर्मुज स्ट्रेट को एक प्रतिबंधित इलाका बताते हुए चेतावनी दी कि वह यहां किसी भी खतरनाक गतिविधि या बिना अनुमति आवाजाही के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। यह इसी महीने दूसरी बार है जब ईरान ने किसी अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन को कब्जे में लेने का दावा किया है।

इससे पहले, 8 सितंबर को भी ईरान ने एक अन्य अमेरिकी ड्रोन पर कब्जे की बात कही थी। ईरानी सरकारी मीडिया ने उस ड्रोन की पहचान डाइव-एलडी के तौर पर की थी, जिसे एक डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी ने बनाया था। आईआरजीसी ने उस डाइव-एलडी को अमेरिका की सबसे एडवांस्ड अंडरवॉटर सिस्टम में से एक बताया था। हालांकि, अमेरिका ने ईरान के इन दावों और घटना की अहमियत को खारिज किया था। पेंटागन के एक प्रवक्ता ने तब कहा था कि वह अंडरवॉटर ड्रोन ईरान के कब्जे में आने से एक दिन से भी पहले खराब हो गया था। अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, वह पुराना डाइव-एलडी मॉडल था और उसमें न तो संवेदनशील डेटा था और न ही कोई क्लासिफाइड सोनार या रडार उपकरण मौजूद था। यह ड्रोन क्षेत्रीय पानी की निगरानी के लिए चल रहे अमेरिकी ऑपरेशन का हिस्सा था। अब दूसरे ड्रोन को लेकर ईरान के ताजा दावे के बाद होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है।


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