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यूपी से राज्यसभा चुनाव की हलचल तेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रदेश कोटे की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होने के साथ ही सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा इस बार उम्मीदवारों के ऐलान में चौंका सकती है, क्योंकि उसकी योजना अधिकांश नए चेहरों को मैदान में उतारने की है। पार्टी की केंद्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजे जाने की प्रबल संभावना है, जो महिला प्रतिनिधित्व का भी महत्वपूर्ण कोटा पूरा करेंगी। संभावना है कि उन्हे केंद्रीय कैबिनेट में जगह भी मिल जाए। 

भाजपा इस बार यूपी से राज्यसभा सदस्य दो केंद्रीय मंत्रियों समेत कुछ मौजूदा सांसदों को फिर से मौका देने को लेकर संशय में है। पार्टी ने डॉक्टर दिनेश शर्मा के अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल बनने के बाद इस्तीफे से खाली हुई ब्राह्मण कोटे की सीट पर हरीश द्विवेदी को उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही है, जिन पर केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा बढ़ा है। यदि बीएल वर्मा का टिकट कटता है, तो राजवीर सिंह राजू का नाम भी दावेदारों में शामिल हो सकता है। पार्टी गीता शाक्य और सीमा द्विवेदी की जगह भी नए चेहरे तलाश रही है। गीता की जगह उनके सजातीय ममतेश शाक्य सहित कई दावेदार रेस में हैं, वहीं ओबीसी कोटे में पार्टी के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल भी मजबूत दावेदार हैं। दलित चेहरों में विद्यासागर की दावेदारी सामने आई है। भाजपा सामाजिक समीकरणों को साधने पर विशेष ध्यान दे रही है।

वर्तमान में इन 10 सीटों में से आठ पर भाजपा, एक पर समाजवादी पार्टी (सपा) और एक पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) काबिज है। इस बार ये सीटें भाजपा और सपा के बीच ही बंटेंगी। बसपा के एकमात्र राज्यसभा सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल खत्म होते ही संसद के उच्च सदन में बसपा का प्रतिनिधित्व शून्य हो जाएगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा जल्द ही उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक करेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे कैडर आधारित हैं और सभी प्रमुख नेताओं से सलाह लेकर ही अंतिम निर्णय लिए जाते हैं। मौजूदा विधानसभा में संख्या बल के आधार पर भाजपा को सर्वाधिक सीटें मिलने की संभावना है। हाल ही में आगरा की फतेहाबाद सीट से भाजपा विधायक के निधन के बाद 403 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा गठबंधन के 288 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 255 विधायक शामिल हैं। वहीं, सपा गठबंधन के पास लगभग 103 विधायक हैं।


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