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बाक्स आफिस पर जलवा बना रही है हनुमान अंश

हनुमान अंश फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर सफलता वाकई बाबा नीबकरोली के चमत्कार का सबूत बन गयी है। महज घ्2 करोड़ से भी कम के सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने शुरुआती फीके रिस्पॉन्स के बाद बॉक्स ऑफिस पर जो ऐतिहासिक वापसी की है, उसने ट्रेड एनालिस्ट्स से लेकर बड़े-बड़े फिल्म मेकर्स को हैरान कर दिया है। कभी फिल्म को ठुकराने वाला ओटीटी प्लेटफॉर्म अब अपनी गलत असेसमेंट पर पश्चाताप कर रहा है और फिल्म के राइट खरीदने के लिए मोटा आफर कर रहा है। नीब करौली बाबा के पावन जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश ने अपने 37वें दिन तक दुनियाभर में घ्236.50 करोड़ का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। महज 2 करोड़ के बेहद कम बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है और अपने बजट से 100 गुना से भी ज्यादा की कमाई कर चुकी है।रिलीज़ के 30 दिनों के भीतर इस फिल्म ने भारत में घ्100करोड़ से अधिक का नेट कलेक्शन किया था , जो इसकी लागत का कई गुना था। 

अध्यात्मिक संत बाबा नीबकरोली का जीवन चमत्कारों से भरा रहा। इसी के चलते 1950 से 1970 तक के दशकों में बाबा नीबकरोली के लाखों भक्त अनुयायी बने इनमें सैकड़ों की तादाद में विदेशी भक्त भी शामिल थे कई विदेशी भक्तों को प्रथम भेंट में ही बाबा ने अपनी कृपा दृष्टि से ड्रग्स के जहरीले नशे से जीवन भर के लिए मुक्त कर दिया उनके जीवन से स्टीव जाब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे आइटी फिल्ड के दिग्गजों ने प्रेरणा ली और अपने क्षेत्र में क्रांतिकारी उपलब्धियां दर्ज की। बाबा नीम करौली के प्रति अगाध आस्था का ही परिणाम है कि इस फिल्म को उम्मीद से ज्यादा सफलता मिल गई है। यह फिल्म आध्यात्मिक संत नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तर भारत सहित देश-विदेश में बाबा के करोड़ों भक्त हैं। दर्शकों के लिए यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव (सत्संग) बन गई है,जिससे लोग भावनात्मक रूप से जुड़ गए। 

डॉ. विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी फिल्म हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर नए इतिहास रच रही है। सिर्फ 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म ने वर्ड ऑफ माउथ के चलते शानदार कमाई के कीर्तिमान रचे हैं। फिल्म को रिलीज हुए 37 दिन हो चुके हैं, आइए जानते हैं एक महीना पूरा होने पर फिल्म ने क्या इतिहास रचा है?

2 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश इस समय वो कर रही है, जो कुछ बड़ी बजट की फिल्में करने का सपना देखती हैं. बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्म किसी आंधी की तरह आई है, जो अपने साथ कई रिकॉर्ड भी तोड़ रही है. फिल्म हनुमान अंश लोगों का दिल जीतते हुए नेट 236 करोड़ का आंकड़ा लगभग छू गई है. अपने पांचवे शनिवार को भी इसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की.

नीम करोली बाबा की जिंदगी पर आधारित ये फिल्म इस समय इतिहास रच चुकी है. इसके गाने भी सबके दिलों में उतर चुके हैं.

इस फिल्म को बनाने वाली फिल्ममेकर सिर्फ 21 साल आयु की अनुप्रिया नागर के हनुमान अंश बनाने के पीछे स्टीव जॉब्स का एक अनूठा कनेक्शन है।अमेरिका में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई के दौरान, अनुप्रिया इस बात पर रिसर्च कर रही थीं कि बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों और उनके फाउंडर्स को अपने आइडिया कैसे मिले। इसी दौरान उन्हें एप्पल के दिवंगत को-फाउंडर और नीम करौली बाबा के बीच एक कनेक्शन का पता चला।इस खोज ने आखिरकार अनुप्रिया की जिंदगी की दिशा ही बदल दी। अनुप्रिया ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने कभी फिल्म बनाने का प्लान नहीं बनाया था। उनका असल प्लान यूके में इकोनॉमिक्स की डिग्री पूरी करने के बाद स्विट्जरलैंड जाकर आर्ट इंडस्ट्री में नौकरी करने का था।

अनुप्रिया, जो आर्ट इंडस्ट्री में नौकरी के लिए स्विट्ज़रलैंड जाने की तैयारी कर रही थीं, भारत लौट आईं और बाद में फिल्ममेकर विशाल चतुर्वेदी से मिलीं, जो नीम करौली बाबा पर एक फिल्म बना रहे थे। उन्होंने बताया कि बाकी सब कुछ इत्तेफाक से हुआ।इस तरह विशाल चतुर्वेदी से मिलने के बाद अनुप्रिया नागर ने हनुमान अंश प्रोड्यूस की और भारत की सबसे प्रॉफिटेबल फिल्मों में से एक बनाने वाली फिल्ममेकर बन गई। हनुमान अंश फिल्म में शोभिनव सत्या और चंदन आनंद मुख्य भूमिकाओं में हैं। पहली फिल्म आजादी से पहले के भारत में लक्ष्मी नारायण नाम के एक युवा लड़के के शुरुआती जीवन की कहानी दिखाती है। अपनी मां की मौत के बाद वह भगवान की खोज में घर छोड़ देता है और फिर उत्तर भारत की यात्रा करते हुए नीम करौली बाबा के रूप में बदल जाता है।  सुनील लोधी, जो बुंदेलखंड के एक नेत्रहीन सिंगर हैं उनका गाया हुआ भजन मैंने तेरे ही भरोसे खूब सुना जा रहा है. इस फिल्म की सक्सेस से वो इमोशनल भी हो गए हैं. एक न्यूज चौनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने फिल्म हनुमान अंश पर खुलकर बात की. 

सुनील लोधी बचपन से ही देख नहीं सकते हैं और उन्होंने कभी संगीत की कोई औपचारिक ट्रेनिंग भी नहीं ली. वो बताते हैं कि उन्होंने किसी गुरु से संगीत नहीं सीखा. वो सिर्फ लता मंगेशकर के गाने सुन-सुनकर गाना सीखते रहे और गांव में होने वाले भजन-कीर्तन में गाते थे. बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर बुंदेली लोकगीत और भजन पोस्ट करना शुरू किया साल 2019 में उनके एक बुंदेली गाने को लोगों का खूब प्यार मिला. इसके बाद वो मुंबई गए, जहां उनकी मुलाकात हनुमान अंश के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी से हुई और उन्हें फिल्म में गाने का मौका मिला. हालांकि हनुमान अंश से पहले सुनील लोधी का एक भजन मोरे संकट के कटैया काफी पॉपुलर हो चुका था. उन्होंने बताया- एक बार झांसी की ट्रेन में मेरे कुछ फैंस ने मुझे तानपुरा लिए देखा और गाना सुनाने को कहा. मैंने वहीं मोरे संकट के कटैया गाया. बाद में इस गाने को रिकॉर्ड किया गया और ये खूब वायरल हो गया। सुनील लोधी का कहना है कि पहले गांव में लोग उनसे बात करने से भी कतराते थे, लेकिन अब फिल्म हनुमान अंश की सक्सेस के कारण वही लोग उन्हें देखकर मुस्कुराकर बात करते हैं. उन्हें लगता है कि ये सब हनुमान जी के आशीर्वाद से हुआ है. उन्होंने अपनी सफलता को 100ः हनुमान जी का चमत्कार बताया. उन्होंने कहा- जैसे हनुमान अंश को शुरुआत में ज्यादा दर्शक नहीं मिले, वैसे ही मेरे भजन को भी पहले डेढ़ महीने तक ज्यादा व्यूज नहीं मिले थे. फिर अचानक एक रील के बाद गाना तेजी से लोकप्रिय हो गया. ये सबकुछ हनुमान जी के आशीर्वाद का कमाल है. मैं चाहता हूं कि मुझे हनुमान जी और धार्मिक विषयों पर बनने वाली फिल्मों और शोज में भजन गाने के और मौके मिलें. इतना तय है कि निश्छल भक्ति सकारात्मक सोच और प्रयास कितना बड़ा परिणाम दे सकते हैं इस का कयास भी नहीं लगाया जा सकता है हनुमान अंश बाबा नीबकरोली के साक्षात चमत्कार की साक्षी बन रही है और यह हम सब महसूस ही नहीं कर रहे प्रत्यक्ष देख रहे हैं लाखों दर्शक सिने स्क्रीन पर खिंचे चले आ रहे हैं और बाबा के जीवन से प्रेरणा ले कर भीतर एक स्वःस्फूर्त चेतना का अनुभव कर रहे हैं।

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