Search

Shopping cart

Saved articles

You have not yet added any article to your bookmarks!

Browse articles
Advertisement
Advertisement Banner

ब्रह्माकुमारीज के मानसरोवर में संस्कारों की डुबकी लगाई पत्रकारों ने

खबरों के लिए भागदौड़ भरी की जिंदगी के बीच तनावमुक्त जीवन जीने और मेडिटेशन के टिप्स सीखने के लिए देशभर से 2000 से अधिक मीडियाकर्मियों ने आबूरोड राजस्थान के ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान मान सरोवर 5 दिनों तक संस्कारों की डुबकी लगाई। मीडिया व पीआर विंग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन में प्रिंट, इलेक्ट्रानिक, रेडियो, बेव, सोशल मीडिया से जुड़े संवाददाता, संपादक और जनसंपर्क से जुड़े पत्रकारो ने भाग लिया। इस दौरान सभी मीडियाकर्मियों ने हाथ उठाकर नशामुक्ति का संकल्प भी लिया।महासम्मेलन में 7-सूत्रीय कार्य योजना को अपनाया गया। “बेहतर विश्व के निर्माण के लिए सशक्त मीडिया” विषय पर आधारित इस महासम्मेलन में मीडिया उद्योग को सतही सामाजिक संघर्षों से आगे बढ़कर व्यावहारिक समाधानों को प्रसारित करने के लिए अपने मंचों को समर्पित करने की चुनौती दी गई। विंग की उपाध्यक्ष बी.के. सरला द्वारा प्रस्तुत व प्रो. मानसिंह परमार तथा प्रो. संजय द्विवेदी द्वारा समर्थित  प्रस्ताव में पत्रकारिता की सत्यनिष्ठा को बहाल करने के लिए एक रणनीतिक रूपरेखा तैयार की गई है। इस नव-पारित कार्य योजना का एक मुख्य जनादेश विभिन्न प्रकार के मीडिया माध्यमों में चल रही समस्याओं के समाधान के लिए एक राष्ट्रीय मीडिया परिषद की स्थापना करने की औपचारिक मांग करना है।

 इस योजना में वैश्विक डिजिटल नकारात्मकता की बढ़ती लहर से निपटने के लिए गहन मीडिया साक्षरता में तेजी से वृद्धि करने की मांग की गई है, जिसका उद्देश्य निष्क्रिय उपभोक्ताओं  को जिम्मेदार डिजिटल नागरिकों में बदलना है। प्रस्ताव दस्तावेज़ में दृढ़ता से कहा गया है कि रचनाकारों  के आंतरिक आध्यात्मिक सशक्तिकरण के बिना मीडिया नैतिकता को ऊपर उठाने के लिए संरचनात्मक नियम और तकनीकी तथ्य-जांच  उपकरण अंततः नाकाफी हैं।  प्रस्ताव में मीडिया संगठनों और सहयोगी जनसंपर्क नेटवर्क को शांति, समानता, स्थिरता और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने वाले लक्षित अभियानों को शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध करने की बात कही गई है।

वही वर्तमान मीडिया परिवेश के तीव्र मानसिक और सामाजिक नुकसान को रेखांकित करते हुए, एएएफटी , नोएडा फिल्म सिटी के डीन डॉ. विकास सिंह ने एक तनावग्रस्त मीडिया पेशेवर का एक मार्मिक उदाहरण साझा किया, जिसे अपनी बेटी को एक मनोचिकित्सक के पास ले जाना पड़ा क्योंकि वह अपने पिता से ही डरने लगी थी। डॉ. सिंह ने उपस्थित पत्रकारों से आग्रह किया कि वे पूरे समाज को अपने बच्चों की तरह देखें और अपनी रिपोर्टिंग के माध्यम से शांति के लिए सक्रिय रूप से काम करें। प्रसार भारती न्यूज सर्विस, नई दिल्ली के वरिष्ठ संपादक (डिजिटल)  उमानाथ सिंह ने स्वीकार किया कि वैश्विक युद्धों के प्रभुत्व वाले इस दौर में शांति के बारे में सोचना बेहद कठिन है, लेकिन उन्होंने प्रेस के भीतर आवश्यक आध्यात्मिक लचीलापन जगाने के संगठनात्मक प्रयासों की सराहना की। मतभेदों को पाटने की मीडिया की शक्ति पर जोर देते हुए, नेपाल के ‘कल्याणपोस्ट की संपादक व विधायक माला कुमारी कर्ण ने कहा कि पत्रकारिता को लोगों के आपसी संबंधों को सुरक्षित रखना चाहिए जो सीमाओं से परे हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों को याद दिलाया कि कलम आज भी तलवार से ज्यादा शक्तिशाली है।अपना आशीर्वाद देते हुए, ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बी.के. मोहिनी दीदी ने मीडिया प्रतिनिधियों को एक आध्यात्मिक ढांचा प्रदान किया, जिसमें उन्होंने एक भाग्यशाली जीवन के चार स्तंभों को रेखांकित कियारू विचार शक्ति पर नियंत्रण रखना, आधुनिक चिंताओं के बावजूद शांति के शारीरिक स्पंदन  बनाए रखना, धन का सही उपयोग करना और हर किसी को एक आत्मा के रूप में देखकर सार्वभौमिक मित्रता की भावना विकसित करना शामिल है।उन्होंने समाचार कक्ष (न्यूज़रूम) के अत्यधिक दबाव को स्वीकार करते हुए,  पत्रकारों को दुनिया की नकारात्मकता से अछूते रहने की सलाह दी और एक आदर्श रिपोर्टर की तुलना कमल के फूल से की, जो कीचड़ से घिरे होने पर भी चमकता रहता है।

 भोपाल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजीव गुप्ता ने कहा कि चूंकि मीडिया “मन के लिए भोजन” परोसता है, इसलिए पत्रकारों को सच्ची शांति और खुशी को बढ़ावा देने के लिए आध्यात्मिकता की नितांत आवश्यकता है। मीडिया महासम्मेलन में 14 विशेष सत्र शामिल किए गएकृजिनमें प्लेनरीज, इनसाइट टॉक्स औरमेडिटेशन शामिल ।जिनके माध्यम से पेशेवर मीडिया नैतिकता को आंतरिक स्थिरता के साथ जोड़ने के लिए तैयार किया गया ।श्रेष्ठ विश्व के निर्माण हेतु सशक्त मीडिया विषय पर आयोजित इस मीडिया महासम्मेलन के शुभारंभ पर वरिष्ठ पत्रकार सरफराज सैफी ने कहा कि क्या मीडिया सिर्फ खबर दिखाएगा यहा खबर के पीछे की सच्चाई भी सबके सामने लाएगा? क्या मीडिया वाले सिर्फ शोर करेंगे या समाज को सही दिशा दिखाने का मौका हमें मिलेगा या मिल रहा है? यह सवाल स्वयं से पूछने की जरूरत है।

सैफी ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम जो कंटेंट समाज को दे रहे हैं उससे समाज को नई दिशा मिले और श्रेष्ठ समाज के निर्माण में सहायक हो। ब्रह्माकुमारीज़ ऐसे आयोजनों के माध्यम से पत्रकारों को मूल्यनिष्ठ जीवन जीने की कला सिखा रही है। पत्रकारों को भीतर से सुकून की जरूरत है, जब हमारे भीतर सुकून होगा तो समाज को बेहतर तरीके से आइना दिखा पाएंगे। हमें अंदर से ब्रांडेड बनने की जरूरत है। हम पत्रकारों को बहुत सकारात्मक होने की जरूरत है। वरिष्ठ पत्रकार यशवंत राणा ने कहा कि मानव सभ्यता के इतिहास में जिस खतरनाक मोड़ पर हम खड़े हैं, इसके पहले यह कभी नहीं हुआ। एआई ने मानव के लिए कई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं।

ब्रह्माकुमारीज़ मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करुणा भाई ने कहा कि भारत जल्द ही विश्व गुरु बनेगा। हम इसी स्वप्न के साथ आगे बढ़ रहे हैं। विश्व के हालात आज हम सभी के सामने हैं। समय को देखते हुए यदि विश्व को कोई नई राह दिखा सकता है तो वह है भारत। जब तक मीडिया क्रांति के रूप में नहीं लेगा, हमारा स्वप्न साकार नहीं होगा। प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ के इन माउंट आबू के परिसरों में आध्यात्मिकता की आबोहवा बहती है। यह जगह अध्यात्म और शौर्य, साहत से ओतप्रोत है।  पूर्व कुलपति प्रो. मान सिंह परमार ने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति विश्व को जोड़ने की रही है। श्रेष्ठ विश्व के निर्माण में हम  सहयोगी बन सकते हैं ।उन्होंने कहा कि हमें सूचना और समाचारों में अंतर समझना जरूरी है। हमारा समाचार ऐसा हो जो समाज को जोड़ने का काम करे। राजयोगिनी बीके सुषमा दीदी ने कहा कि समय आ गया है कि अब विश्व परिवर्तन होने वाला है, इस सत्य को मानना ही होगा। इस धरा पर ही एक ऐसे विश्व की रचना होगी, जहां देवी-देवताओं का राज्य होगा। आत्मिक स्वरूप को जागृत करने की कला और शक्ति का आधार उन्होंने राजयोग को बताया। विंग के राष्ट्रीय संयोजक बीके निकुंज भाई ने कहा कि आप सभी यहां से कुछ नया सीखकर जाएं। कुछ लेकर जाएं ताकि अपने सेवा स्थान पर जाकर कुछ नवीनता जरूर लाएं। जयपुर की बहन चन्द्रकला के संचालन में मीडिया महासम्मेलन के दौरान निकुंज भाई की अंग्रेजी भाषा मे लिखी पुस्तक व श्रीगोपाल नारसन की वरदान है उपभोक्ता कानून का विमोचन किया गया।इस महासम्मेलन में रायपुर छत्तीसगढ़ से वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी,चंडीगढ़ से बीके पूनम व पत्रकार केवल तिवारी,विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ श्रीगोपाल नारसन, उत्तराखंड से सूचना उपनिदेशक मनोज श्रीवास्तव, फ़िल्म निर्देशक डॉ सुभाष अग्रवाल,देवभूमि पत्रकार यूनियन के प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा, विधि संवाददाता लक्ष्मण सिंह आदि की सहभागिता रही।


Comments (0)

Leave a Comment