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क्या साजिशन हत्या का शिकार बना संत प्रेमानंद का शिष्य?

कृष्ण की नगरी वृंदावन में चर्चित संत प्रेमानंद के युवा शिष्य दीपक लोधी की कथित सुसाइड की गुत्थी उलझती जा रही है. दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद दीपक को आनन-फानन में एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. दीपक ने खुदकुशी क्यों कि इसकी वजह तो अभी तक सामने नहीं आई है. लेकिन इस मामले में झकझोरने वाला सीसीटीवी वीडियो सामने आया है.वहीं दीपक के प्राइवेट पार्ट में चोट बहता खून और खून से सना अंगवस्त्र कमरे में खून सना ग्राइंडर वारदात के पीछे छिपे किसी गहरे षड्यंत्र या रहस्य का संकेत दे रहे हैं। यही नहीं घटना के बाद मृतक शिष्य के परिजनों ने दो साल से कथित दीक्षा के बाद मृतक को परिजनों से नहीं मिलने देने का संगीन आरोप लगाया है इस सब के चलते इस शिष्य की मौत का मामला काफी पेचीदा हो गया है। 

आपको बता दें कि वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के 25 वर्षीय शिष्य दीपक लोधी (रसिक दुलारी शरण) की गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।25 सितंबर 2026 शुक्रवार सुबह करीब 10रू30 बजे वृंदावन के बारह घाट क्षेत्र स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम में यह वारदात घटित हुई है। मृतक दीपक लोधी मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर का रहने वाला था, जो दो साल पहले वृंदावन आया था और दीक्षा लेने के बाद अपना नाम रसिक दुलारी शरण रख लिया था। घटना के वक्त शिष्य के गुप्तांग पर गंभीर चोट के निशान और खून बहने की बात सामने आई है। कमरे से एक खून से सना ग्राइंडर भी बरामद हुआ है।

आपको बता दें प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारीशरण की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है. एक तरफ जहां पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है. वहीं घटनास्थल से बरामद चीजें मामले को और उलझा रही हैं. शिष्य दीपक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ है, घर में ग्राइंडर पर खून के निशान मिले हैं और एक डायरी मिली है. साथ ही जिस सीसीटीवी फुटेज में दीपक चौथी मंजिल से कूदता हुआ नजर आ रहा है, उसको फॉरेंसिक लैब भेजा गया है. आशंका जताई जा रही है कि घटना के वक्त दीपक किसी ड्रग्स के प्रभाव में तो नहीं था तो इसके लिए उसका ब्लड सैंपल लिया गया है.

आपको बता दें कि प्रेमानंद महाराज से दीक्षित शिष्य रसिक दुलारी शरण प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज के पास ही जिस भवन में रहता था, उसका नाम है गुरुकृपा कुंज, उसमें प्रेमानंद महाराज के दीक्षिथ शिष्य ही रहते हैं.इसी भवन के रूम नंबर-21 में रसिक दुलारी शरण रहता था. उसके साथ जुगल शरण भी रहता है.प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सात चोट मिली है, उनके सिर पर, चेहरे पर, हाथ-पांव और एड़ी में चोट है. इसके अलावा प्राइवेट पार्ट का कटना भी है.

पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में सिर्फ गिरते हुए का फुटेज मिला हुआ है. आश्रम से जुड़ी इस बिल्डिंग के अंदर कितने शिष्य थे और मृतक रसिक दुलारी के साथ कौन रहता था इसको लेकर भी पड़ताल की जा रही है. ग्राइंडर कितने समय से उनके पास था या फिर अचानक उन्होंने अपने पास मंगवाया था इसको लेकर भी पूछताछ की गई है.शुरुआती जांच में यह आत्महत्या लग रही थी फॉरेंसिक टीम भेजी गई जांच की जा रही है. जितने भी चीज मिली हैं वह सब पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है पोस्टमार्टम करवाया गया है. बरामद ग्राइंडर टाइल्स काटने वाला है उनके कमरे में कैसे गया जांच का विषय है. वहां पर बिजली और टाइल्स का काम का सामान रखा हुआ था. यहां दो लोग रहते थे पुलिस सभी बिन्दुओं पर पूछताछ व जांच में जुटी हुई है जांच में सीसीटीवी कैमरे मिले हैं, उसका फुटेज छत से कूदते हुए नजर आए हैं.इससे पहले क्या हुआ यह फुटेज में नहीं है। 

 पुलिस और फॉरेंसिक टीम सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों की मदद से यह जांच कर रही है कि यह मामला आत्महत्या का है, खुद को नुकसान पहुंचाने का या इसके पीछे कोई अन्य वजह है घटना के समय इस भवन में कौन कौन मौजूद थे और कहीं यह मामला हत्या अथवा आत्महत्या के लिए उकसाने का तो नहीं है जिसे आत्महत्या बतौर दर्शा कर वास्तविकता पर परदा डालने की कोशिश की जा रही है । 

पुलिस इस उलझन में है कि जब शिष्य रसिक दुलारी खुदकुशी जैसा बड़ा कदम उठाने जा रहा था तो उससे पहले प्राइवेट पार्ट को चोटिल क्यों किया गया? ग्राइंडर में चोटिल होने के बाद घायल के कराहने की आवाज भी किसी ने सुनी थी या नहीं इसको लेकर भी पूछताछ की गई है. वृंदावन पुलिस कई सवालों का जवाब तलाशना चाहती है जिनमें खुदकुशी की वजह का पता लगाया जाना बहुत जरूरी है, कोई सुसाइड नोट पुलिस को नजर नहीं आया है.

उधर परिजनों ने आरोप लगाया है कि पिछले दो सालों से उन्हें दीपक से मिलने या फोन पर बात नहीं करने दी जाती थी। घटना के बाद भी उन्हें समय पर सही जानकारी नहीं देने और आश्रम में बिठाए रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

बताया गया है कि जिस वक्त दीपक लोधी ने सुसाइड किया उस समय सड़क पर लोगों की आवाजाही हो रही थी. जिस वक्त यह घटना हुई, कुछ लोग राह से गुजर रहे थे दीपक लोधी के छत से गिरने का ये वीडियो इतना भयावह था कि आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया. मामला तूल पकड़े जाने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई है फिलहाल यह मामला चारों चर्चा का विषय है बना हुआ है। जो मुख्य बिंदु इस मामले में साजिश और रहस्य को गहरा रहे हैं उनमें ड्रग्स या नशे का सेवन प्राइवेट पार्ट का कटा होना मौके से ग्राइंडर की बरामदगी इस मौत को आत्महत्या से हत्या की संभावना बना रहे हैं।सवाल है कि आत्महत्या करने से पहले कोई व्यक्ति अपने प्राइवेट पार्ट को क्यों काटने का प्रयास करेगा संभावना है कि किसी एक या अधिक हमलावरों ने दीपक के प्राइवेट पार्ट को क्षति पहुंचायी और उनसे बचाव के लिए युवा शिष्य चार मंजिल से कूद गया। घटना साढ़े दस बजे की है लेकिन पुलिस को साढ़े बारह बजे अस्पताल से सूचना दी गई जब तक युवक दम तोड़ चुका था। 

प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर वृंदावन के साधु-संतों के बीच कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ संतों ने घटना की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए इसे हत्या की आशंका से जोड़कर देखा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-मस्जिद प्रकरण में याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि वृंदावन में देशभर से लाखों साधु-संत तपस्या और साधना के लिए आते हैं और यहां इस तरह की घटना गंभीर चिंता का विषय है। दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि साधु के शरीर पर चोट के निशान और कपड़ों पर खून के निशान मिलने की बात सामने आई है। उन्होंने इन परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। वहीं, महामंडलेश्वर राधानंद गिरी ने कहा कि प्रेमानंद महाराज के शिष्य के साथ कोई अनहोनी हुई है। उन्होंने पूरे मामले की सघन जांच किए जाने की मांग की ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके। महंत पवन गिरी महाराज ने भी घटना को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मानना उचित नहीं है और साधु के साथ घटना होने की आशंका है। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।  घटना की गहन जांच से धर्मनगरी में नशे के कारोबार और धर्म के चोले में चल रहे अवैध सम्बन्धों व आश्रमों में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों की शरणगाह का पर्दाफाश होने की भी संभावना है। 


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