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शेख हसीना फिर क्यों हुईं एक्टिव

नई दिल्ली। 5 अगस्त 2024 भयंकर विरोध और हिंसा के बीच शेख हसीना बांग्लादेश से भारत आ गई थीं। ठीक दो साल बाद शुक्रवोर को दिल्ली में हसीना ने पहली बार वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि मैं दिसंबर में बांग्लादेश जाऊंगी। आखिर हसीना का आगे का प्लान क्या है और क्या भारत इसमें उनके साथ है इसका भारत.बांग्लादेश रिश्तों पर क्या असर होगा दो साल से भारत में अज्ञात जगह पर रह रहीं शेख हसीना बीते करीब दो महीने से दोबारा सक्रिय हुईं और वापस बांग्लादेश जाने की बात कर रही हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 29 जून 2026 को हसीना ने एक ई.मेल के जरिए कहा था कि मुझे मौत का डर नहीं है। मैंने 1975 में अपना पूरा परिवार खो दिया था। हर साजिश से लड़ते हुए बांग्लादेश की अवाम के साथ खड़ी रही और पांच बार बांग्लादेश की पीएम चुनी गई। मेरी जिंदगी बांग्लादेश की जनता अवामी लीग और बांग्लादेश के हित से जुड़ी रही है। मैं हर रुकावट और साजिश को पार करके इस साल अपने मुल्क वापस जाऊंगी। इंटरव्यू में शेख हसीना ने मौजूदा पीएम तारिक रहमान की सरकार पर कई आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेश में भ्रष्टाचार और महंगाई बढ़ रही है। सरकार पूरी तरह नाकाम है। बता  दें 10 जुलाई की सुबह शेख हसीना ने एक इंटरव्यू में कहा कि दिसंबर 2026 तक वो बांग्लादेश लौटेंगी और अपनी पार्टी के कुछ और निर्वासित नेताओं के साथ सरेंडर करेंगीए भले ही उन्हें मार दिया जाए। बता दें 5 अगस्त को शेख हसीना दिल्ली में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया के एक कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुईं। उन्होंने अपना कैमरा ऑन नहीं किया यानी वो सामने नहीं आईं। हसीना ने कहा कि मुझे यह पता नहीं था कि मैं देश छोड़कर जा रही थी। मैं तो अपने पैतृक गांव तुंगीपाड़ा जाने की तैयारी कर रही थीए लेकिन हालात ऐसे बने कि देश छोड़ना पड़ा। मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैंए मार भी सकते हैं फिर भी मैं बांग्लादेश जाऊंगी। लोगों का समर्थन मेरे लिए बहुत जरूरी है। मौत की सजाए झूठे मुकदमे और दिखावटी सुनवाई से मुझे डरा नहीं सकते।

उन्होंने कहा कि भारत हमेशा बांग्लादेश का अच्छा दोस्त रहा है। जब भी बांग्लादेश किसी मुश्किल हालात में होता हैए भारत उसके साथ खड़ा रहता है। सरकारों के बीच के रिश्ते अलग हो सकते हैंए लेकिन भारत हमेशा से एक अच्छा दोस्त रहा है और आगे भी रहेगा। ऐसा माना जा रहा है कि शायद शेख हसीना को लगने लगा है कि दोबारा बांग्लादेश में ताकत से खड़े होने का मौका है और सरकार के खिलाफ माहौल बनाया जा सकता है।ष् इसके कुछ संकेत भी दिखने लगे है। प्रतिबंध के बावजूद अवामी लीग दोबारा सक्रिय हो रही है। 23 जून को पार्टी ने 77वां स्थापना दिवस मनाया था। दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी भी दी थी। इसके अलावा अमेरिका में रह रहे हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय बांग्लादेश के मुद्दों पर एक्टिव हैं। अगर हसीना उनके लिए राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहेंए तो भी ये बिना बांग्लादेश लौटे मुमकिन नहीं है।


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