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त्रिपुरा डीजीपी की संदिग्ध मौत पर सियासत तेज

अगरतला। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग ढंकर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी माकपा (सीपीआई-एम) ने मामले की मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच आवश्यक है। विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने कहा कि अनुराग ढंकर जैसे मजबूत और अनुभवी अधिकारी के आत्महत्या करने की बात सहज स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले आठ वर्षों से भाजपा सरकार के दौरान आईएएस और आईपीएस अधिकारियों पर लगातार राजनीतिक दबाव बनाया जाता रहा है, जिससे प्रशासनिक तंत्र में असामान्य स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए न्यायपालिका की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि डीजीपी अनुराग ढंकर का शव मंगलवार को पुलिस मुख्यालय स्थित उनके आधिकारिक कक्ष के वॉशरूम में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और गृह सचिव पुलिस मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद उन्हें तत्काल एजीएमसी एवं जीबीपी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डीजीपी अनुराग ढंकर का निधन अत्यंत दुखद और स्तब्ध कर देने वाला है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। हालांकि, मृतक के परिजनों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं विपक्ष ने पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।


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