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हमें चुनावों से आगे जाना है - अभिजीत दीपके

नई दिल्ली,। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के लीडर अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी का मकसद केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि उससे आगे बढ़कर समाज में एक बड़ा बदलाव लाना है। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका से भारत लौटने, कॉकरोच आंदोलन और सीजेपी के भविष्य को लेकर अपनी योजनाएं साझा कीं। दीपके ने कहा कि अब जब वे मैदान में उतर गए हैं, तो आंदोलन को जिंदा रखने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि बीते मई महीने में देश के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज के रूप में यह मुहिम शुरू की थी, लेकिन देखते ही देखते इस आंदोलन से लाखों लोग जुड़ गए और दीपके काफी प्रसिद्ध भी हो गए। बाद में अमेरिका से भारत लौटकर अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों की अगुवाई की थी।

अभिजीत दीपके ने बताया कि उन्हें सरकार की एक बात बहुत खटक गई थी। उन्होंने हालिया इंटरव्यू में कहा कि सरकार की तरफ से देश के लिए खतरा और एंटी नेशनल जैसे टैग मिलने से वे बेहद दुखी थे। हालांकि उनके परिवार और वकील ने उन्हें भारत न जाने की सलाह दी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अमेरिका से भारत लौटने का फैसला किया। दीपके ने कहा, जब मेरी अपनी ही सरकार ने मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया, तभी मैंने भारत लौटने का फैसला किया। इस बात ने मुझे बहुत दुख पहुंचाया। मैंने तय किया कि मुझे अपने देश वापस जाना चाहिए ताकि मैं यह साबित कर सकूं कि मैं देश की सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं हूं। मैं अपने देश से प्यार करता हूं, बस उस तरीके से नहीं, जिस तरीके से सरकार चाहती है। कॉकरोच जनता पार्टी ने पेपर लीक आंदोलन की सफलता के बाद अब स्कूल ठीक करो अभियान शुरू किया है।

इस अभियान के तहत सीजेपी के नेता भारत के सरकारी स्कूलों की बदहाली के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। अपनी आगे की योजना पूछे जाने पर अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि वे इस आंदोलन को किसी पार्टी या चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रखना चाहते। अभिजीत दीपके ने कहा, “लोगों ने राजनीति को सिर्फ चुनाव और राजनीतिक दलों तक सीमित कर दिया है। हम उससे आगे बढ़ना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि उनका मकसद एक बड़ा बदलाव लाना है, जहां लोग अपने अधिकार और अपने कर्तव्य समझें, और यह भी जानें कि सत्ता में कोई भी पार्टी आए, उससे जवाबदेही कैसे तय कराई जाए।

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