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इस दिन को श्रीरामचंद्र द्वारा रावण पर विजय के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया गया /23 Oct 2022 12:08 PM/    41 views

दीपावली’ शब्द का अर्थ है कि प्रकाश की पंक्तिया

सोनिया शर्मा
दीये, मोमबत्ती या फिर बिजली की लड़िया जलाकर हम तमस को मिटाकर खुशियों का प्रकाश पैदा करते है। साथ ही धन की देवी मां लक्ष्मी का आव्हान श्रीगणेश पूजा के बाद करते है। दीपावली ही एक ऐसा अवसर है जब मां लक्ष्मी की पूजा नारायण के साथ न होकर श्रीगणेश के साथ होती है। यह त्यौहार कार्तिक के महीने में 15 वें दिन अमावस्या को होता है। जब सर्दी के मौसम की शुरुआत होती है। जैन धर्म का मानना है कि इस दिन महावीर स्वामी स्वर्ग में गए और देवताओं ने उन्हें प्राप्त किया और इस प्रकार उन्हें मोक्ष मिला। हिंदुओं ने इस दिन को श्रीरामचंद्र द्वारा रावण पर विजय के बाद  अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया और लोगों ने उनके सम्मान में अपने घरों को रोशन कर दिया था।सिखों के लिए दिवाली, बंदी छोर दिन का प्रतीक है, जब गुरु हर गोविंद जी ने अपने और हिंदू राजाओं को फोर्ट ग्वालियर से, इस्लामी शासक जहांगीर की जेल से मुक्त कर दिया था, और अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में पहुंचे थे। तब से, सिखों ने बंदी मुक्त दिवस मनाया, स्वर्ण मंदिर, आतिशबाजी और अन्य उत्सवों की वार्षिक प्रकाश व्यवस्था के साथ,यह त्योहार बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है।इस अवसर पर घरों, दुकानों के मंदिरों और अन्य इमारतों को साफ किया जाता है और कई रंगो से रंग दिया जाता है और चित्र, खिलौने और पेपर के फूलों से सजाया जाता है।  गरीब लोग ‘दीपको’ से अपने घरों को रोशन करते हैं, जबकि अमीर लोग अपने घरों को बिजली के बल्बों के साथ अलग-अलग रंगों की रोशनी से रोशन करते हैं। बड़े शहरों में आतिशबाजी पर बहुत पैसा खर्च होता है सभी लोग खुश हैं ।व्यापारी लोग रात में लगभग दस बजे लोग अपनी दुकानों को बंद करते हैं और अपने घर जाते हैं तब वे धन की देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। पूजा के बाद अच्छे भोजन का आनंद लेते। लोग अपने मित्रों, रिश्तेदारों, अधिकारियों और नौकरों को मिठाइयां और उपहार भी भेजते हैं और गरीबों को भी दान देते हैं। व्यापारी और दुकानदार अपने पुराने खातों को बंद करते हैं और नए साल के लिए नए खाते खोलते हैं। हिंदुओं का मानना है कि देवी लक्ष्मी रात में घर आती हैं इसलिए वे पूरी रात जागते रहते हैं।यह त्योहार बहुत लोगों के लिए उपयोगी है यह बरसात के मौसम के बाद आता है, इसलिए सभी गंदी चीजें और कचरे को घरो से हटा दिया जाता है और घर अच्छी खुशबू व साफ और शुद्ध हो जाता है।इस बार दीपावली पर 32 साल बाद गुरु चित्रा योग बन रहा है। इससे पहले यह योग सन1990 में बना था।इससे लक्ष्मी की अपार कृपा बरसेगी। दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए अमावस्या तिथि, प्रदोष काल, शुभ लग्न व चौघड़िया मुहूर्त विशेष महत्व रखते हैं। इसलिए अधिकांश लोग इन्हीं में लक्ष्मी पूजन एवं शुभ कार्य करते हैं। 24 अक्टूबर गुरुवार शाम 05.54 से रात 08.26 तक प्रदोषकाल रहेगा। इस दौरान लोग धन, सुख-समृद्धि की कामना से लक्ष्मी, गणेश व कुबेर का पूजन कर सकेंगे।
  ज्योतिष विज्ञान में गुरु को सोना, भूमि, कृषि आदि का कारक ग्रह माना जाता है। जबकि चित्रा नक्षत्र चांदी, वस्त्र, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक चीजों के लिए खास व शुक्र की राशि वाला यह नक्षत्र समृद्धि का कारक है। दीपावली पर इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण पड़ रहा है।यह एशिया का दक्षिण और पश्चिम भाग, अटलांटिक, यूरोप, अफ्रीका महाद्वीप का उत्तरी-पूर्वी भाग में देखा जा सकता है। इसके अलावा भारत में यह सूर्य ग्रहण जम्मू, श्रीनगर, दिल्ली, गुजरात, पंजाब, लेह, उत्तराखंड, राजस्थान इत्यादि जगहों पर देखा जा सकता है। यह सूर्य ग्रहण आंशिक होगा। यह सूर्य ग्रहण दोपहर 2.29 बजे से शुरू होगा, जबकि इस ग्रहण का मोक्ष काल शाम 6 बजकर 20 मिनट के बाद होगा। भारत में यह सूर्य ग्रहण शाम 4 बजकर 29 मिनट से शुरू होगा और शाम 5 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगा।सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है।भारत में यह सूर्य ग्रहण शाम 4 बजे से दिखाई देगा। ऐसे में इसका सूतक काल सुबह 4 बजे से मान्य होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूतक काल के दौरान कोई भी शुभ कार्य और पूजा-पाठ नहीं किया जाता है। ऐसे में इस साल गोवर्धन पूजा 25 अक्टूबर को ना होकर 26 अक्टूबर को होगी और भैयादूज 27 अक्टूबर को मनाई जाएगी।
 

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