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पूरी दुनिया की तरह ही भारत में भी वाहनों पर कर लगाए जाने की आवश्यकता /20 Dec 2022 03:26 PM/    19 views

कारों पर सभी कर तर्कसंगत बनाने की जरूरत- भार्गव

सुनील शर्मा
नई दिल्ली । देश प्रमुख कंपनी मारूति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष आरसी भार्गव ने कहा है कि भारत में विनिर्माण को गति देने और ऑटो उद्योग के तीव्र विकास के लिए यात्री वाहनों पर 50 प्रतिशत कर को तर्कसंगत बनाये जाने की जरूरत है। भार्गव ने यहां कंपनी के वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत दुनिया में ऐसा देश है जहां सबसे अधिक कर यात्री वाहनों पर है। अभी 28 प्रतिशत जीएसटी और 22 प्रतिशत अधिभार कुल मिलाकर यह 50 प्रतिशत है जबकि ऑटो उद्योग के बल पर विकसित देश बने जर्मनी जापान और चीन में बहुत कम है। उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत कर वाला उद्योग तेजी से विकास नहीं कर सकता है। भारत अभी भी वाहन उद्योग को समाजवादी विचारधारा से देखा जा रहा है और इसको विलासिता की वस्तु की श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने वाहन उद्योग पर सभी तरह के कार को तर्कसंगत बनाये जाने की अपील करते हुए कहा कि पूरी दुनिया की तरह ही भारत में भी वाहनों पर कर लगाए जाने की आवश्यकता है। इस सदी के पहले 10 वर्षों में 2010 तक वाहनों की मांग में दो अंकों की बढोतरी हुई थी लेकिन पिछले 12 वर्षों में यह घटकर तीन प्रतिशत पर आ गई है। जब तक ऑटो उद्योग में कराधान अधिक रहेगा तब तक मांग में तीव्र बढोतरी की उम्मीद नहीं की जा सकती है। उन्होंने छोटी कारों में कम से कम दो एयरबैग और अन्य सुरक्षा मानकों को लागू किए जाने पर कहा कि यह नियम दुर्घटना रोकने में कितना सफल होता है देखना पड़ेगा लेकिन देश में सड़क दुर्घटना होने के बहुत से कारण है। सबसे पहले तो भारत में ड्राइविग लाइसेंस बनवाना सबसे सरल है जबकि दुनिया के अधिकांश देशों में यह बहुत कठित प्रक्रिया है। इसके साथ ही वाहनों के फिटनेस के कारण भी दुर्घटना होती है। इसके साथ ही सड़क और कई अन्य कारण है। 

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