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जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की बेंच ने फ्लैट बायर्स के रकम वापस करने को कहा /16 Oct 2022 04:24 PM/    46 views

नोएडा के ध्वस्त हो चुके ट्विन टावर्स में फ्लैट खरीदने वाले 15 लोगों को दें 1 करोड़- सुप्रीम कोर्ट

सोनिया शर्मा
नई दिल्ली । देश की शीर्ष अदालत ने सुपरटेक मामले में सुनवाई करते हुए कहा है कि एक करोड़ रुपये 15 होम बायर्स के लिए रिलीज किया जाए। कोर्ट ने कहा कि सुपरटेक लिमिटेड के अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रफेशनल (आईआरपी) की ओर से डिपॉजिट किए गए रुपये बायर्स को दिए जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने 26 अगस्त को सुपरटेक की आईआरपी से कहा था कि वह एक करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करे, ताकि होम बायर्स को राहत दी जा सके। सुप्रीम कोर्ट को कोर्ट सलाहकार गौरव अग्रवाल ने बताया कि पैसे जमा किए जा चुके हैं और पैसे होम बायर्स को दिया जा सकता है। जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की बेंच ने आईआरपी से कहा है कि वह 8 दिसंबर 2022 तक एक करोड़ रुपये और जमा करे। ये रकम फ्लैट बायर्स को दिए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट उस कंटेप्ट पिटिशन पर सुनवाई कर रहा है जिसमें होम बायर्स ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ट्विन टावर ध्वस्त करने के निर्देश के साथ-साथ फ्लैट बायर्स के रकम वापस करने को कहा था, लेकिन पैसे नहीं मिले।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुआई वाली बेंच ने आईआरपी और कोर्ट सलाहकार गौरव अग्रवाल से कहा था कि वह होम बायर्स के बकाया कितने हैं, इसे पता लगाने के लिए मिलकर काम करें और सुप्रीम कोर्ट के सामने डिटेल पेश किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शीर्ष अदालत ने होम बायर्स के प्लैट की कीमत वापस करने का जो आदेश दिया था उसे सुनिश्चित करने के लिए हम आईआरपी को निर्देश देते हैं कि एक करोड़ रुपये रजिस्ट्री में जमा किए जाए। सुप्रीम कोर्ट कंटेप्ट पिटिशन पर सुनवाई कर रही है जिसमें होम बायर्स ने कहा है कि सुपरटेक ने उनके फ्लैट के पैसे वापस नहीं किए जबकि कोर्ट ने इस मामले में 31 अगस्त 2021 को आदेश पारित किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सुपरटेक के ट्विन टावर ध्वस्त करने के आदेश दिए थे और जिन लोगों का उसमें फ्लैट था उसे पैसे रिफंड करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा स्थित सुपरटेक के एमरॉल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के 40 फ्लोर के ट्विन टावर (टी-16 और टी-17) को अवैध करार देते हुए गिराने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के फैसले को बिल्डर कंपनी सुपरटेक लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट के आदेश से ट्विन टावर को ध्वस्त किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्विन टावर में जो भी फ्लैट बॉयर्स हैं उन्हें 2 महीने के भीतर उनके पैसे रिफंड किए जाएं। साथ ही उस रकम का 12 फीसदी ब्याज का भी भुगतान किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही बिल्डर को निर्देश दिया है कि वह एमरॉल्ड कोर्ट ओनर रेजिडेंट्स वेलफेयर असोसिएशन को हर्जाने के तौर पर दो करोड़ रुपये का भुगतान एक महीने के भीतर करे।

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