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विश्व बैंक से चर्चा कर रहा भारत /21 Sep 2022 09:24 AM/    42 views

सस्ता होगा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लोन

सोनिया शर्मा
नई दिल्ली । इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना आने वाले समय में आसान हो सकता है। एचटी ऑटो की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने नई दिल्ली में एक इंडस्ट्रियल कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत सरकार और विश्व बैंक लोन देने वाले बैंकों के लिए एक रिस्क शेयरिंग मैकेनिज्म शुरू करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। रिस्क मैकेनिज्म बैंकों को लोन डिफॉल्ट होने की स्थिति में बचाव और ईवी फाइनेंस की लागत में कटौती करने में मदद करेगा। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत को हाल ही में जी-20 का नया शेरपा बनाया गया है।  भारत इस साल जी-20 की अध्यक्षता संभालने वाला है। कांत ने कहा कि भारत में बैंक ऐसे समय में ईवी खरीद के लिए लोन देने से हिचक रहे हैं, जब इन वाहनों की बीमा करने की लागत ज्यादा है और इलेक्ट्रिक वाहनों की रिसेल मार्केट भी अभी डेवलप नहीं हुआ है।  दक्षिण एशियाई देशों में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की रफ्तार अमेरिका और चीन के मुकाबले काफी कम है। इसकी बड़ी वजह ज्यादा कीमत और चार्जिंग स्टेशन की कमी है। 
नीति आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार श्व बैंक एक भारतीय बैंक के साथ करीब 8 हजार करोड़ फंड स्थापित करेगा, जो सभी लोन देने वाली संस्थाओं को उपलब्ध कराया जाएगा। लोन डिफॉल्ट के मामले में फंड संस्थाओं को पहले नुकसान की गारंटी देगा। फिलहाल इस बारे में विश्व बैंक की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हाल ही में वाहन कलपुर्जा निर्माता संघ और मैकिंजी की संयुक्त रूप से तैयार रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में 2030 तक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। इस श्रेणी के तहत कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की हिस्सेदारी क्रमशः 50 प्रतिशत और 70 प्रतिशत होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक नए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 50 प्रतिशत और तिपहिया वाहनों की बिक्री 70 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
 

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